Kapil Dev Life story
Kapil Dev Life story कपील देव लाइफ स्टोरी हिन्दी
कापिल देव का जन्म 6 जनवरी 1959 को पंजाब के चंडीगढ़ में हुआ उनके पिता का नाम रामलाल निकुंज था जो कि एक लकड़ी के व्यापारी थे और उनकी मा का नाम राजकुमारी था पाकिस्तान के बंटवारे के पहले उनके माता पिता पाकिस्तान में और फिर वह भारत आ गए कपिल और उनके भाई का जन्म भारत में ही हुआ था लेकिन उनकी 4 बहनों का जन्म पाकिस्तान में हुआ
कपिल को सुरु से ही खेलो में दिल चस्मी थी और वह क्रिकेट को सबसे ज्यादा पसंद करते थे उन्होंने अपनी स्कूल की पडाई DAV स्कूल से की और लोग बताते है को वो वहा पर भी बहुत अच्छे खिलाड़ी थे और फिर सिरुआती पढ़ाई और फिर कॉलेज st इएडवर्ड कॉलेज से की और उस काॅलेज में कपिल देव ने काफी बेहतर किया कपिल के क्रिकेट के प्रति रूझान देखते हुए उनके घर वालो ने उन्हें क्रिकेट सीखना भेजने का फैसला किया और उनके अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए नवंबर 1975 में उन्हें रंजी हरियाणा के टीम कि तरफ से खेलने का मोका मिला और उन्होंने अपने पहले ही मैच में 6 विकेट चटका कर यह बता दिया कि क्रिकेट की दुनिया में एक नया सितारा आ रहा है और रंजी के उस सीजन ने कुल 30 मैचों में 131 विकेट लिए उनके यह प्रदर्शन को देखते हुए उनको ईरानी ट्रॉफी दिलीप ट्रॉफी में खेलने का मौका मिला डोमेस्टिक लेवल पर अपनी छाप छोड़ने के बाद
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू
16 अक्टुबर 1978 को पाकिस्तान के खिलाफ अंतरास्ट्रीय स्तर पर पहली बार खेलने का मोका मिला हालांकि भारत यह सीरीज नहीं जीत पाया लेकिन भारत को एक शानदार आलराउंड मिल चुका था और फिर कुछ दिनों बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला शतक लगाया कपिल के सरुआती 25 मैचों में 100 विकेट और 1000 से भी ज़्यादा रन बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी सामने आए और यही से ही भारतीय टीम को एक बेहतरीन खिलाड़ी मिल चुका था
कपिल के शानदार लिडल सिप को देखते हुए 1982 में पहली बार कप्तानी करने का मौका दिया गया यह मोका उन्हें इस लिए मिला था कि तब के कप्तान सुनील गावस्कर को आराम मिला था और तब से वह रेगुलर कप्तान भी बन गए कप्तान के रूप में सबसे बड़ी चुनौती आई 1983 में जब वर्ल्ड कप में भारत खेलना था हालांकि भारतीय टीम को कोई भी जीत का दावे दार नहीं समझा था
और वेस्टइंडीज से फाइनल मुकाबला जीत कर भारत ने सब को ग़लत साबित कर दिया और भारत ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया और कपिल देव ने इस टूर्नामेंट में 303 रन और 12 विकेट लिए साथ ही 7 केच भी लिए
इस वर्ल्ड कप के बाद उनको उन खिलाड़ी में की जाने लगी जिन्होंने भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया और फिर देव ने भारत को और भी कई सारी सीरीज जिताई और उन्होने अपने आप को सबसे शानदार खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल कर लिया उन्होंने 1994 तक भारत की सेवा करते रहे फिर उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया
कपिल देव अंतर्राष्ट्रीय मैच
(1) टेस्ट131 मैच __ 5238 रन और 434 विकेट लिए
(2) एकदिवसीय मैच__ 225 मैच रन 3783 और विकेट 253 लिए
इस लिए भारत में कपिल देव सबसे महान ऑलराउंडर में नंबर 1 पर स्थापित है
धन्यवाद.( By jaycricket1.com)


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